Love Dialogue

अपनी कलम की फ़ितरत बनाया करते हैं ,
कुछ राज गुफ्तुगू की सीने में छिपाया हैं | 
किससे  सुनाऊँ अपने दिल की दास्ताँ ,
उस बेवफा  हमें रुलाया करते हैं || 

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