My first Poem
https://youtu.be/6kI1w4L0whI
कर्मफल
लक्ष्य बनाओ पर्वत जैसी,
श्रम करो तो चींटी जैसी |
ज्ञानी बनो तो कर्ण जैसी ,
आज्ञाकारी बनो तो श्रवण जैसी |
यह मानव जीवन बड़ी महान है ,
इसका करलो कुछ उपयोग |
मत करना इसका दुरूपयोग |
क्योकि इस जमाने में इंसानों का बुरा हाल है |
बनना है तो बनो सुभाष ,
किया उन्होंने अंग्रेजों का नाश |
बनना है तो बनो गाँधी ,
क्योंकि जीवन बची है आधी |
बनना है तो बनो राम ,
जपते रहे दुनिया राम |
शोएब भी देता है यही संदेश ,

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